गम के अँधेरे में, दिल को बेक़रार कर।

गम के अँधेरे में, दिल को बेक़रार कर।
सुबह जरुर होगी मेरे दोस्त, थोडा तो इंतज़ार कर।

दुःख – सुख की धुप छाँव से आगे निकल गए,
हम खवाहिशो के गावं से आगे निकल गए।